जानिए कौन से है वृन्दावन के प्रसिद्ध मंदिर

वृंदावन को "मंदिरों का शहर" और "भगवान की भूमि" के रूप में जाना जाता है। हम सब जानते है के वृंद्धावन और मथुरा में श्री कृष्ण जी का बचपन बीता था वृंद्धावन एक पवित्र नगरी है जहाँ आज भी पुराने इमारते पुराने समय के याद दिलाते है।

कृष्णा भूमि के नाम से जान ने वाला शहर आज भी उतना ही सुन्दर है जितना पहले हुआ करता था। वृंदावन के मंदिरों में आज भी उतनी ही रोनक है जैसे पहले श्री कृष्ण जी के समय हुआ करती थी। यही कारण है कि हजारों लोग प्रतिदिन कृष्ण की भूमि में आते हैं। तो जानते है कृष्ण भूमि वृन्दावन के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे  में।


वृन्दावन में घूमने वाली जगह


  • श्री बांके बिहारी मंदिर 


banke bihari mandir in hindi

 

स्थित: वृंदावन

जिला: मथुरा (उत्तर प्रदेश)

समर्पित: बांके बिहारी जी

संस्थापक:  स्वामी हरिदास

श्री बांके बिहारी हिंदू मंदिर है जो भगवान कृष्ण को समर्पित है , यह पूरे वृन्दावन का सबसे प्रमुख मंदिर है,“बांके बिहारीजो की श्री कृष्ण के 108 नाम में से एक है। यह मंदिर भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है और हिन्दू संस्कृतियों के लिए बहुत लोकप्रिय है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, बांके बिहारी मंदिर की स्थापना स्वामी हरिदास ने की थी , स्वामी हरिदास जी प्राचीनकाल के मशहूर गायक तानसेन के गुरु थे।स्वामी हरिदास श्री कृष्णा के बहुत बड़े भक्त थे यह माना जाता है कि उन्होंने अपने भक्त श्री स्वामी हरिदास को अपनी दुर्लभ दृष्टि उसी स्थान पर दी थी जहां आज बांके बिहारी का मंदिर है। मंदिर के विशाल संरचना को देखने के लिए हजारों लोग आत्ते है।


  • प्रेम मंदिर

prem mandir in hindi


 

स्थित: वृंदावन

जिला: मथुरा (उत्तर प्रदेश)

समर्पित: सीता राम और राधा कृष्ण

संस्थापक :  जगद्गुरु कृपालु महाराज

प्रेम मंदिर जो के प्यार का प्रतिक है , जो भगवान सीता राम और राधा कृष्ण को समर्पित है प्रेम मंदिर का निर्माण जगद्गुरु कृपालु महाराज द्वारा करवाया गया प्रेम मंदिर का निर्माण  जनवरी 2001  में शुरू हुआ और उद्घाटन समारोह 15 फरवरी 2012 को हुआ। मंदिर 17 फरवरी को सार्वजनिक रूप से खोला गया।  मंदिर के निर्माण पूरा होने में 11 वर्ष का समय लगा

यह नवनिर्मित मंदिर पूरे बृज क्षेत्र में सबसे सुंदर है और आरती के समय भक्तों की भीड़ लग्ग जाती है। इस मंदिर का निर्माण 54 एकर में किया गया और मंदिर को बनाने के लिए करीब 100 से 130 करोड़ के धन राशि खर्च हुई।

सफेद संगमरमर से निर्मित यह  मंदिर बहुत जटिल नक्काशी से सजी दीवार , यह मंदिर अपनी स्थापत्य सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है। कृष्ण के जीवन के विभिन्न दृश्यों, जैसे कि गोवर्धन पर्वत को उठाना, प्रेम मंदिर की परिधि पर चित्रित किया गया है।


  •  इस्क्कोन मंदिर ISKCON Temple Vrindavan 

 

iskcon mandir in hindi


स्थित: वृंदावन

जिला: मथुरा (उत्तर प्रदेश)

पता: भक्तिवेदांत स्वामी मार्ग, रमन रीति, वृंदावन, उत्तर प्रदेश

समर्पित: श्री कृष्ण-बलराम मंदिर

संस्थापक: A C भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद

ISKCON  अर्थ  International Society for Krishna Consciousness.

ISKCON  मंदिर विंध्यवन में बहुत प्रसिद्ध है ISKCON  की स्थापना उनके दिव्य अनुग्रह .सी. भक्तिवेदांत स्वामी द्वारा की गई थी। चार प्रमुख शिष्य उत्तराधिकार हैं, और इस्कॉन ब्रह्म-गौड़ीय-माधव सम्प्रदाय के अंतर्गत आता है, जिसकी स्थापना स्वयं भगवान कृष्ण ने की थी।

इस्कॉन की उपदेश और प्रथाओं को श्री चैतन्य महाप्रभु द्वारा सिखाया और संहिताबद्ध किया गया था, जो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के अवतार थे।

ISKCON  मंदिर अब युवाओं में बहुत प्रसिद्ध है और कई युवा इस्कॉन ट्रस्ट के सदस्य हैं।युवकों में लोकप्रियता के कारण आज ISKCON  मंदिर पुरे वर्ल्ड में प्रसिद्ध हो चूका है।

बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि मंदिर के अंदर जींस पहनने की अनुमति नहीं है, अगर आप इस मंदिर में जाना चाहते हैं तो केवल पारंपरिक पोशाक पहनें


  •  द्वारकाधीश मंदिर

dwarkadeesh mandir in hindi

 

स्थित: मथुरा शहर

पता: श्री राजेंद्र पाठक, पाठक गली, विश्राम घाट, विश्राम बाजार, मथुरा,

जिला: मथुरा (उत्तर प्रदेश)

समर्पित: द्वारका के राजाद्वारिकाधीश जी” 

द्वारकाधीश, मथुरा के सबसे पुराने और सबसे बड़े मंदिरों में से एक है मंदिर भगवान द्वारकाधीश को समर्पित है, जो भगवान कृष्ण का एक रूप है, जिसे काले संगमरमर की मूर्ति में चित्रित द्वारकानाथ के रूप में जाना जाता है। मंदिर में भगवान के जीवन के विभिन्न पहलुओं को चित्रों के रूप में दर्शाती  सुंदर देवारे हर किसी का मन मोह लेते है सुंदर राजस्थानी वास्तुशिल्प डिजाइन और नक्काशी जटिल रूप को और भी शानदार बनाते हैं

यह मंदिर शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन मथुरा जंक्शन से लगभग 3.5 किमी दूर है। वहां से मंदिर तक पहुँचने के लिए कई साधन उपलब्ध हैं। ऑटोरिक्शा को मंदिर तक पहुंचने में लगभग 10 मिनट लगते हैं


  •  माता वैष्णो देवी धाम

 

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स्थित: वृंदावन

पता:  छटीकरा रोड़, मथुरा,

जिला: मथुरा (उत्तर प्रदेश)

समर्पित: माता वैष्णो देवी

संस्थापक: जे.सी. चौधरी

मथुरा में वैष्णो देवी धाम, जिसे माँ वैष्णो देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है, माँ वैष्णो देवी को समर्पित है, जिसे माना जाता है कि वह अपने भक्तों को वरदान देती हैं।

यह मंदिर ठीक वैसा ही है, जैसा कि मां वैष्णो देवी की उत्पत्ति का कटरा में मंदिर है

श्री J.C. Chaudhary वृंदावन में मैनेजिंग ट्रस्टी और मां वैष्णो देवी धाम के संस्थापक हैं। माँ वैष्णो देवी में अपने कट्टर विश्वास के साथ, जिन्होंने हमेशा उनके लिए समर्थन और प्रेरणा के स्रोत के रूप में काम किया है, उन्होंने एक धाम की स्थापना की,  देखने में यह बड़ा मंदिर बहुत सुंदर है


  • वृंदावन का रंगजी मंदिर 


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स्थित: वृंदावन

पता: रंगनाथ मंदिर, गोड़ा विहार, वृंदावन

जिला: मथुरा (उत्तर प्रदेश)

समर्पित: भगवान रंगनाथ

संस्थापक: सेठ राधा कृष्ण

मंदिर की शुरुआत 1845 में हुई और इसे पूरा होने में छह साल लगे। सेठ राधा कृष्ण और सेठ गोविंदा दास को इस मंदिर के निर्माण का श्रेय दिया जाता है। यह 19वीं सदी में उन्हें 45 लाख की लागत से इस मंदिर का निर्माण पूरा किया

रंगजी मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला में आठ गोपुरों के साथ बनाया गया है जो द्रविड़ शैली में निर्मित हैं। इस मंदिर का मुख्य द्वार पश्चिमी तरफ है। एक छह मंजिला गोपुरम है, जो पूरी तरह से नक्काशी से भरा है।

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  •  गीता मंदिर


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स्थित: वृंदावन

पता: गौशाला नगर, गीता मंदिर मार्ग, श्री धाम- वृंदावन, मथुरा,

जिला: मथुरा (उत्तर प्रदेश)

समर्पित: भगवान लक्ष्मी नारायण

संस्थापक:  जुगल किशोर बिड़ला

गीता मंदिर, जिसे बिड़ला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, मथुरा के बाहरी इलाके में वृंदावन और मथुरा को जोड़ने वाली सड़क पर स्थित है। यह तीर्थयात्रियों और अवकाश प्राप्त पर्यटकों द्वारा समान रूप से मथुरा के सबसे लोकप्रिय स्थलों में से एक है।

गीता मंदिर का निर्माण जुगल किशोर बिड़ला द्वारा किया गया था, जो अपने माता-पिता की याद में प्रसिद्ध बिड़ला समूह है और भगवद गीता के सभी 18 अध्याय इस मंदिर के स्तंभों पर लिखे गए हैं।

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वृन्दावन के सबसे प्रसिद्ध मंदिर बांके बिहारी और प्रेम मंदिर है क्यूंकि इन दोनों मंदिरो की प्राचीनता और खूबसूरती इनको सबसे अलग बनती है आप जब भी कही वृन्दावन जाये तो हमारा यह लेख वृन्दावन के प्रसिद्ध मंदिर जरूर पढ़ के जाये ताकि आपको कृष्ण नगरी में मंदिरो को ढूंढ़ने में कोई परेशानी न हो राधे राधे

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1 Comments

  1. दो बार वृंदावन की यात्रा का सुअवसर प्राप्त हुआ आज आपके माध्यम से भी एक बार पुनः यात्रा का प्रसाद मिला, धन्यवाद!

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