बाबा सोडल मेला जालंधर - chadda jathere, history, date

भारत त्योहारों और मेलो का देश है यहाँ लाखो की तादाद में ऐसी जगह मौजूद है, यहाँ हर वर्ष कोई न कोई त्यौहार और मेला लगता है। ऐसे ही एक अनोखे स्थान के बारे में हम आपको इस लेख के जरिये बतायेगे जिसका नाम है बाबा सोडल मेला और यह मेला हर वर्ष मनाया जाता है।


baba sodal mela jalandhar
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Mela baba sodal कहा मनाया जाता है ?

यह वार्षिक मेला हर साल पंजाब के जाने माने शहर JALANDHAR में मनाया जाता है। जालंधर में बाबे सोडल का मंदिर और गुरुद्वारा मौजूद है, वह हर वर्ष यह मेला बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है।


बाबा सोडल मेला 2020

इस साल सोडल बाबा का मेला 2020 को 1 September से शुरू होगा और हर साल की तरह 3 दिन तक चलेगा परन्तु Corona महामारी की वजह से इस बार पहले की तरह चहल पहल और बाज़ारो में रौनक नहीं देखने को मिलेगी।

हर वर्ष JALANDHAR में सोडल बाबा उत्सव 3 दिन तक चलता है, जिसमे नगर कीर्तन, लंगर,  मेले की रौनक को बढ़ाने के लिए  Rides और मिठाई की दुकाने सजती है। परन्तु कोरोना की वजह से इस बार यह मुन्किन नहीं है, और जालंधर शहर के प्रशाशन ने बार इस बार मंदिर के दर्शन के लिए ही इजाजत दी है और वह भी सरकार के नियमो का पालन करके, जैसे की रात को कोई भी सोडल बाबा मंदिर में नहीं जा पायेगा। इस तरह अगर आप इस बार 2020 में Sodal Temple में बाबा के दर्शन करना चाहते है तोह आपको सुबह जा दोपहर को ही जाना पड़ेगा और वह भी सरकार और मंदिर ट्रस्ट की तरफ से जारी किये गए नियमो की पलना करते हुए। 


सोडल बाबा मंदिर की कहानी क्या है

सोडल बाबा को भगवान् शिव का अवतार मन जाता है और मान्यता के अनुसार एक बार बार सोडल बाबा अपनी माता के साथ नदी के तट पर गए और वह अपनी माँ को शरारतो के साथ तंग कर रहे थे, जिसके कारन उनकी माता जी गुस्से में आके उनको बोल दी की जाओ जा के नदी में डूब जा फिर क्या था बाबा सोडल सच में डूब गए और बाद में उनकी माता द्वारा बहुत प्रयास करने के बाद भी वह बहार नहीं आये/मिले। उसके बाद बालक एक शेषनाग के रूप में प्रगट हुए और को बोले के माता अब मै इस मायावी संसार को त्याग चुका हो और दूर अलोप हो चूका हु। इसके बाद उन्होंने जाते जाते यह कहा की की अगर यहाँ कोई हर साल मेरे पास सच्चे मन से आएगा तोह उसकी मनोकामना पूर्ण होगी। ऐसे ही लोग हर साल सोडल मेले में दूर दूर से दर्शन करने आते है और अपनी मनोकामना पूर्ण करते है। 


जालंधर में कहा स्थित है बाबा सोडल का मंदिर/गुरुद्वारा

माना जाता है के सोडल बाबा Chadda Caste से थे, और इसलिए इस जगह को चड्डा जाति के जठेरे भी कहा जाता है, और चड्ढा लोगो द्वारा मंदिर के साथ गुरुद्वारा भी बनवाया गया है, जिसमे हिन्दू और सिख दोनों धर्मो के लोग जहा दर्शन के लिए आते है।

इस पवित्र स्थान तक पहुंचने के लिए जालंधर Railway Station और Bus Stop से हर तरह की आवाजाही मौजूद है और यह शहर के बीच प्रशिद्ध मंदिर देवी तालाब के साथ ही पड़ता है। 

यहाँ मंदिर परिसर में आपको सोडल बाबा की मूर्ती एक सेषनाग रूप में देखने को मिलेगी, जिसको आप दर्शन करके मनोकामना पूर्ण कर सकते हो। उम्मीद करते है आपको हमारा यह सोडल बाबा मेला जालंधर पसंद आया होगा कृपा करके इस लेख को आप अपने साथिओ से सांझा करे।

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